Snake Symbolism: महादेव के गले में क्यों लिपटे रहते हैं Vasuki Nag? जानिए Lord Shiva के इस रहस्यमयी श्रृंगार के पीछे की Mystery

Jul 22, 2026
Astro Panchang
भगवान शिव का रूप जितना ज्यादा रहस्यमयी है, उतना ही आकर्षक भी है। भगवान शिव अपने शरीर में भस्म, जटाओं में गंगा, माथे पर चंद्रमा और गले में नाग धारण करते हैं। भगवान शिव के इन सभी चीजों को धारण करने के पीछे अलग-अलग मान्यताएं हैं। असल में महादेव न सिर्फ मनुष्यों बल्कि अन्य जीवों पर भी अपनी कृपा और आशीर्वाद बनाए रखते हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण यह है कि भगवान शिव अपने गले में नाग को धारण करते हैं।
भगवान शिव एक ऐसे देवता हैं, जो समाज की बहिष्कृत चीजों को अपने साथ जोड़ते हैं। सांप को भगवान शिव ने अपने गले में धारण कर उसको सम्मान दिया। श्मशान की भस्म को अपने तन का लिबास बना लिया। कैलाश पर्वत को महादेव ने अपना घर बना लिया। तो आइए जानते हैं भगवान शिव ने अपने गले में सांप क्यों धारण किया है।
शिवजी ने क्यों धारण किया सांप
धार्मिक कथाओं के मुताबिक नागराज वासुकी भगवान शंकर के परम भक्त थे। वह हमेशा भगवान शिव की पूजा-उपासना में लीन रहते थे। धार्मिक शास्त्रों के मुताबिक समुद्र मंथन के समय नागराज वासुकी ने रस्सी का किया था। जिससे सागर को मथा गया था। नागराज वासुकी की भक्ति से प्रसन्न होकर महादेव ने उनको नागलोक का राजा बना दिया। साथ ही भगवान शिव ने अपने गले में आभूषण की तरह लिपटे रहने का वरदान दिया।
क्या मिलता है संकेत
भगवान शिव के विषैले सांप को अपने गले में धारण करना इस ओर भी संकेत देता है कि अगर दुर्जन भी अच्छे कर्म करें, तो ईश्वर उसको जरूर स्वीकार करते हैं। ऐसे में व्यक्ति को सिर्फ अच्छे कर्म करना चाहिए, चाहे उनका स्वभाव कैसा भी हो।