Vedic Astrology: Kaal Sarp Dosh से चाहिए मुक्ति और Money Gain? पहनें ये 2 रत्न, जानें अचूक ज्योतिष उपाय

Jun 20, 2026
Astro Panchang
वैदिक ज्योतिष में कालसर्प दोष के बारे में बताया गया है। कुंडली में यह दोष तब बनता है, जब राहु और केतु ग्रह के बीच एक ही ओर आ जाते हैं। इस स्थिति में जातक को कालसर्प दोष की समस्या से सामना करना पड़ सकता है। कालसर्प दोष होने से जातक की तरक्की में बाधा आती है, जीवन में कई तरह की परेशानियां होती हैं। रत्न शास्त्र में कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए दो तरह के रत्नों के बारे में बताया गया है।
इन रत्नों को पहनने से कालसर्प दोष का प्रभाव कम होता है और जीवन में आने वाली परेशानियां भी कम होती हैं। साथ ही इस रत्न को धारण करने से धन लाभ के योग बनते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि किन रत्नों को पहनने से कालसर्प दोष दूर होता है।
गोमेद
गोमेद का संबंध राहु ग्रह से माना जाता है। अगर आपकी कुंडली में कालसर्प दोष है, तो इस स्थिति में इस रत्न को धारण करना शुभ माना जाता है। गोमेद पहनने से रुके हुए काम पूरे होते हैं और करियर में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। वहीं इसको धारण करने से निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होती है। गोमेद को धारण करने के लिए शनिवार का दिन शुभ माना जाता है। इसको शतभिषा, स्वाति या आद्रा नक्षत्र में चांदी या फिर अष्टधातु की अंगूठी में पहनना शुभ माना जाता है।
लहसुनिया
लहसुनिया का संबंध केतु से है, कालसर्प दोष की परेशानी में इस रत्न को पहनना लाभकारी माना जाता है। रत्न शास्त्र के मुताबिक इस रत्न को धारण करने से बुरी नजर और मानसिक तनाव की समस्या से छुटकारा दिलाता है। इसको पहनने से कामों में सफलता मिलती है और मानसिक शांति प्राप्त होती है। लहसुनिया व्यापार में तरक्की के मार्ग खोलता है और इसको पहनने के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन शुभ माना जाता है। इसको चांदी की अंगूठी में तर्जनी या मध्यमा उंगली में पहनना चाहिए।