Kal Bhairav Fast Rules: Kal Bhairav के ये Powerful Mantra हर संकट से करेंगे रक्षा, जानें व्रत और पूजा की सही विधि

May 07, 2026
Astro Panchang
सनातन परंपरा में भगवान काल भैरव को भगवान शिव का रुद्रावतार माना जाता है। भगवान शिव का रौद्र रूप 'काल भैरव' को समर्पित है। काल भैरव का तंत्र-मंत्र और संकटों का नाश करने वाला माना जाता है। हिंदू धर्म में भगवान भैरव की पूजा-साधना करने से जातक के जीवन के कष्ट, भय और दुखों का नाश होता है।
काल भैरव की कृपा जिस जातक पर बरसती है, उसको जीवन और कुंडली से सारे दोष नष्ट हो जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि काल भैरव के मंत्र और व्रत को जो भी व्यक्ति नियमपूर्वक करता है, उसके जीवन से अकाल मृत्यु का भय, सभी प्रकार के कष्ट और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं।
व्रत के नियम
दिन की शुरुआत पवित्र नदी में स्नान करने या नहाने के पानी में गंगाजल डालकर स्नान करना चाहिए। फिर भगवान शिव और काल भैरव के समक्ष व्रत का संकल्प लेना चाहिए। वहीं मंदिर में चौमुखी दीपक जलाएं और भगवान भैरव को सरसों का तेल, उड़द के दाल की कचौरी और काले तिल का भोग लगाना चाहिए। काल भैरव का वाहन कुत्ता है, इसलिए इस दिन काले कुत्ते को मीठी रोटी खिलानी चाहिए। इससे राहु-केतु और शनि के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं।
सावधानियां और नियम
व्रत रखने वाले जातकों को इस दिन किसी से अपशब्द नहीं बोलना चाहिए और पूर्ण तरीके से सात्विक रहना चाहिए। वहीं इस दिन किसी प्रकार का झूठ बोलना या किसी के प्रति ईर्ष्या रखना वर्जित माना गया है।