Dhanvantari के प्राकट्य दिवस Dhanteras पर 13 दीपक जलाने से प्रसन्न होते हैं यमराज

Nov 05, 2026
Astro Panchang
इस बार 06 नवंबर 2026 को धनतेरस का पर्व मनाया जाएगा। धनतेरस पर 13 दीपक जलाना 'यम दीपम' की परंपरा से जुड़ा है। इस पर्व की सबसे पुरानी प्रथा दीपदान करना है। इन दीपकों का उद्देश्य अकाल मृत्यु से रक्षा और भविष्य के लिए घर-परिवार के लोगों के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करना है। इन 13 दीपकों के पीछे एक विशेष आध्यात्मिक उद्देश्य भी होता है और हर एक दीपक सुरक्षा का प्रतीक होता है। हिंदू चंद्र कैलेंडर के मुताबिक दीपावली से दो दिन पहले धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। यह पर्व आयुर्वेद और आरोग्य के देवता 'धन्वंतरि' के प्राकट्स दिवस के रूप में मनाया जाता है।
समुद्र मंथन से धन्वंतरि का प्राकट्य हुआ था। इस दिन वह समुद्र से अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। धनतेरस के दिन 13 दिये जलाने का मुख्य उद्देश्य घर के हर कोने को रोशनी से प्रकाशित करना है। इसके साथ ही इस दिन त्रयोदशी तिथि भी होती है। इसलिए धनतेरस पर 13 दीपक जलाए जाते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि किन स्थानों पर दिए रखना शुभ माना जाता है और इसका क्या महत्व होता है।
जानिए धनतेरस पर 13 दीपक जलाने का महत्व
धनतेरस के मौके पर 13 की संख्या का विशेष महत्व माना जाता है। पारंपरिक वर्ष के 13 चंद्र महीनों में से एक हर महीना का दिया जलाया जाता है। मान्यता है कि एक साथ 13 दीपक जलाने से घर-परिवार की सभी महीनों में सुरक्षा होती है। इन 13 दीपकों को शरीर के 13 मुख्य प्राणों से भी जोड़कर देखा जाता है।
बता दें कि इन 13 दीपकों के लिए बीच एक मुख्य दीपक होता है। जिसको 'यम का दीपक' या 'यम दीपक' कहा जाता है। इस दीपक को मृत्यु के देवता यम को प्रसन्न करने के लिए जलाया जाता है। इससे घर के लोगों में अकाल मृत्यु का भय न रहे।
धनतरेस पर इन स्थानों पर जलाना चाहिए दीपक
धनतेरस के दिन पहला दीपक घर की दक्षिण दिशा में रखा जाता है, जोकि यम देव के लिए जलाना चाहिए।
दूसरा दिया घर के बाहर कूड़ा स्थान पर जलाना चाहिए। इससे अकाल मृत्यु का भय कम होता है।
तीसरा दीपक मुख्य द्वार पर जलाना चाहिए। इससे घर में पॉजिटिव एनर्जी का प्रवेश होता है।
वहीं चौथा दीपक तुलसी के पास जलाना चाहिए। इससे घर में मां लक्ष्मी का आगमन और वास होता है।
पांचवां दीपक घर की छत पर जलाना चाहिए। इससे राहु का प्रभाव कम होता है।
छठा दिया घर के पूजा स्थान पर जलाना चाहिए। इससे घर-परिवार पर मां लक्ष्मी के साथ-साथ कुबेर देव की कृपा भी बनी रहती है।
घर के पास लगे हुए पीपल के वृक्ष के पास सातवां दीपक जलाना चाहिए। इससे घर-परिवार पर पूर्वजों की कृपा बनी रहती है।
आठवां दीपक घर के स्टोर वाले स्थान पर जलाना चाहिए। इससे दारिद्रता दूर होती है और निगेटिव एनर्जी से भी मुक्ति मिलती है।
नौंवा दीपक वॉशरूम के बाहर रखना चाहिए। जिससे घर में किसी भी तरह निगेटिव एनर्जी का प्रभाव कम होता है।
दसवां दीपक घर की खिड़कियों के पास जलाएं। इससे पूरे घर में रोशनी फैल सके।
ग्यारहवां दीपक बेल के पेड़ के नीचे जलाएं, इससे जातक पर और घर-परिवार पर भोलेनाथ की कृपा बनी रहती है।
बारहवां दिया घर के केंद्र यानी ब्रह्मस्थान में जलाना चाहिए, इससे घर के सदस्यों के बीच सामंजस्य बना रहता है।
तेरहवां दिया घर के ईशान कोण पर जलाना चाहिए। इससे सभी देवताओं का आशीर्वाद बना रहता है।
इस तरह से अगर आप भी धनतेरस के दिन 13 दीपक घर के अलग-अलग स्थानों पर रखते हैं, तो यह बेहद शुभ होता है। इससे घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।