अष्टमी और नवमी तिथि को लेकर है कंफ्यूजन तो पढ़ लें यह लेख, जानें कब करें कन्या पूजन

Oct 12, 2021
शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 07 अक्टूबर (गुरुवार) से हो चुकी है। नवरात्रि पर्व के नौ दिनों में माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों के पूजन का विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार इन नौ दिनों में नवदुर्गा को पूजा-उपासना से प्रसन्न करके मनवांछित फल प्राप्त किए जा सकते हैं। प्रतिपदा के दिन कलश स्थापना के साथ ही नवरात्रि पूजन की शुरुआत हो जाती है। नवरात्रि में हर दिन का अपना एक अलग महत्व है और अलग-अलग दिनों में माँ दुर्गा के अलग-अलग स्वरुपों की उपासना से अलग फल मिलते हैं। नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि का विशेष महत्त्व है क्योंकि इन दोनों दिन भक्त अपने घरों में कन्या पूजन करते हैं। शारदीय नवरात्रि में नवमी के बाद दशमी तिथि को दशहरा पर्व मनाया जाता है। कई वर्षों से ऐसा हो रहा है कि नवरात्रि में एक दिन कम होता है। ऐसी स्थिति में भक्तों के मन में इस बात को लेकर संशय रहता है कि नवरात्रि के बाद हवन और कन्या पूजन किस दिन किया जाए। आज के इस लेख में हम आपको बताएँगे कि इस बार अष्टमी, नवमी और दशमी तिथि किस दिन है -
कब है अष्टमी, नवमी और दशमी
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार अष्टमी तिथि 12 अक्टूबर रात 9 बजकर 47 मिनट से शुरू होकर अगले दिन 13 अक्टूबर रात्रि 8 बजकर 6 मिनट तक रहेगी।
अष्टमी तिथि मानने वाले लोग 13 अक्टूबर को बुधवार के दिन व्रत रखेंगे और कन्या पूजन करेंगे।
इसके बाद नवमी तिथि लग जाएगी, जो कि 13 अक्टूबर रात 8 बजकर 7 मिनट से लेकर 14 अक्टूबर शाम 6 बजकर 52 मिनट तक रहेगी। नवमी मानने वाले लोग गुरुवार, 14 अक्टूबर को पूजन करेंगे।