चाँद के दीदार के बाद कल मनाई जाएगी ईद, जानें रमजान का धार्मिक महत्व

May 13, 2021
Astro Panchang
रमजान का महीना इस्लाम के सबसे महत्वपूर्ण और पाक महीनों में से एक है। इस्लामी कैलेंडर के अनुसार रमजान नौवां महीना होता है और यह अर्धचंद्र दिखाई देने के बाद शुरू होता है। इस साल, रमजान का पाक महीना 14 अप्रैल, 2021 को शुरू हुआ था और 14 मई, 2021 को ईद-उल-फितर के साथ संपन्न होगा। रमजान के दौरान, मुसलमान अनिवार्य रूप से उपवास करते हैं, जिसे रोज़ा कहा जाता है। रोजा रखते समय, सूर्योदय से सूर्यास्त तक कुछ भी नहीं खाना या पीना चाहिए। रमजान में सभी अनुयायी पांचों वक्त की नवाज अदा करते हैं और अल्लाह की इबादत करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस महीने में रोजा रखने और इबादत करने से कई गुना ज़्यादा फल मिलता है। इस पाक महीने में लोग सभी गलत कामों को त्याग कर नेकी और धर्म की राह पर चलते हैं, जिससे वे अल्लाह के नजदीक पहुँच सकें। इस महीने में लोग धैर्य और संयम का पालन करते हैं और जरूरतमंदों की सेवा करते हैं।
रमजान का महत्व
रमज़ान की उत्पत्ति अरबी शब्द 'अर-रमद' से हुई है, जिसका अर्थ है चिलचिलाती गर्मी। ऐसा माना जाता है कि मोहम्मद साहब को इसी दौरान इस्लाम धर्म की पवित्र पुस्तक कुरान शरीफ का ज्ञान प्राप्त हुआ था।तभी से रमजान के महीने को पवित्र महीने के रूप में मनाया जाता है। इस महीने में 30 दिनों तक रोजा रखा जाता है और यह त्यौहार मुस्लिम समुदाय के लोगों के सबसे खास त्यौहार ईद-उल-फितर के साथ संपन्न होता है।
सहरी और इफ्तार
रमजान के महीने में सहरी और इफ्तार का बहुत महत्व है। रमजान के दिनों में सुबह, सूरज उगने से पहले जब भोजन किया जाता है तो उसको सहरी कहते हैं। वहीं दिनभर रोजा रखने के बाद शाम के समय, सूरज ढलने के बाद रोजा खोला जाता है, इसे इफ्तार कहा जाता है।