Khatu Shyam Mandir: खाटू श्याम बाबा को बेहद पसंद है गुलाब और इत्र, जानिए क्या है इसके पीछे का कारण

May 07, 2024
Astro Panchang
राजस्थान के सीकर जिले में खाटू श्याम जी का मंदिर है। खाटू श्याम को हारे का सहारा, तीन बाण धारी और लख्तादार जैसे कई नामों से जाना जाता है। इसके साथ ही खाटू श्याम को श्रीकृष्ण का कलयुगी अवतार भी माना जाता है। दरअसल, खाटू श्याम महाबली भीम के पौत्र और घटोत्कच के पुत्र बर्बरीक हैं। श्रृंगार आरती के दौरान खाटू श्याम का विशेष श्रृंगार किया जाता है।
इस श्रृंगार में सुगंधित फूलों के साथ इत्र का भी इस्तेमाल किया जाता है। जिस वजह से खाटू श्याम बाबा का गर्भगृह फूलों की महक और इत्र की सुगंध से महकता है। वहीं इसके पीछे एक खास वजह भी है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि श्याम बाबा को इत्र चढ़ाने का क्या महत्व है।
क्यों चढ़ता है इत्र
पौराणिक मान्यता के मुताबिक जब बर्बरीक छोटे थे, तो उनके जन्मस्थान के पास एक नगरी थी। जहां पर गुलाब के बहुत सारे पौधे थे। ऐसे में बर्बरीक जी अपना ज्यादातर समय वहीं बिताना पसंद करते थे। इसके अलावा उनको गुलाब के फूलों के साथ खेलना भी काफी पसंद था। तभी से गुलाब खाटू श्याम के प्रिय बन गए। तभी से खाटू श्याम बाबा को प्रिय पुष्प गुलाब के फूल या फिर इनसे बना इत्र चढ़ाने की परंपरा शुरू हो गई।
यह भी है वजह