Mangal Dosh: मांगलिक दोष ने Life में मचाई है उथल-पुथल? जानें Ujjain के इस Temple का अचूक उपाय

Feb 17, 2026
Astro Panchang
ज्योतिष शास्त्र में मंगल देव को साहस, विवाह, शक्ति और ऊर्जा का कारक माना जाता है। जब कुंडली में मंगल की स्थिति प्रतिकूल होती है, तो इसको 'मांगलिक दोष' या 'मंगल दोष' कहा जाता है। ऐसी स्थिति में जातक के विवाह में देरी, अत्यधिक क्रोध, कर्ज और पारिवारिक कलह जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं के निवारण के लिए भारत में कुछ विशेष मंदिर और उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको भूमि पुत्र मंगल देवता के मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं।
मंगल देव का जन्मस्थान
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक एमपी के उज्जैन शहर में मंगलनाथ मंदिर स्थित है, जिसको मंगल देव का जन्मस्थान माना जाता है। शिप्रा नदी के तट पर स्थित यह मंदिर पूरे विश्व में मंगल दोष निवारण के लिए सबसे प्रमुख केंद्र है।
पूजा की खासियत
पुराणों के मुताबिक मंगल देव की उपस्थिति भगवान शिव के पसीने की बूंद से हुई थी। यहां की जाने वाली 'भात पूजा' का विशेष महत्व होता है। माना जाता है कि चावल की प्रकृति ठंडी होती है, जिससे मंगल देव का उग्र स्वभाव शांत होता है। वहीं भक्त मांगलिक दोष के निगेटिव प्रभावों से मुक्ति मिलती है।
प्राचीन मंदिर
महाराष्ट्र के जलगांव जिले में स्थित अमलनेर मंगल देव मंदिर भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष श्रद्धा का केंद्र है। यहां के मंदिर में मंगल की अत्यंत दुर्लभ प्रतिमा स्थापित है। मंगलवार के दिन यहां विशेष अभिषेक और शांति पाठ किया जाता है। इससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।