Bemata Goddess: क्या सच में Chhathi के दिन तय होता है भाग्य? Ujjain में स्थित Vidhata Mata मंदिर की रोचक मान्यताएं

Jul 25, 2026
Astro Panchang
क्या आपने विधाता माता के बारे में जानते हैं। अगर आपका जवाब न है, तो आज हम आपको विधाता माता के बारे में बताने जा रहे हैं। विधाता माता को अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग नामों से जाना जाता है। विधाता माता को भय माता, बेमाता, विधात्री देवी, छठी मैया या फिर षष्ठी माता के रूप में जाना जाता है। लोक मान्यताओं के मुताबिक बच्चे के जन्म के छठे दिन ही विधाता देवी बच्चे के भाग्य का लेखा-जोखा लिखती हैं।
उज्जैन में स्थित है मंदिर
महाकाल की नगरी उज्जैन में विधाता देवी का फेमस मंदिर है। विधाता देवी का मंदिर पटनी बाजार के पास मगरमुहा की गली में स्थित है। इसका इतिहास करीब 1500 साल पुराना माना जाता है। इस मंदिर में विधाता देवी की करीब ढाई फीट ऊंची खड़ी अवस्था में मूर्ति विराजित है। इसको एक स्वयंभू मूर्ति माना जाता है।
विधाता देवी के उल्टे हाथ में कपाल है। तो वहीं उनके सीधे हाथ में कलम है। इनके आसपास दो दूत भी विराजमान हैं। एक दूत का नाम चित्र और दूसरे का नाम गुप्त है। माना जाता है कि जब भी किसी बच्चे का जन्म होता है, तो विधाता देवी के यही दोनों दूत माता को इसकी जानकारी देते हैं।
बच्चों के साथ आते हैं श्रद्धालु
देवी भागवत और दुर्गा सप्तशती सहित अवंतिका पुराण में विधाता माता का उल्लेख मिलता है। विधाता माता का पौराणिक नाम विद्यात्तय है। धार्मिक मान्यता है कि विधाता माता बच्चे के जन्म के छठे दिन उसका भाग्य लिखती हैं। यही वजह है कि विधाता माता के मंदिर में दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। मंदिर में विधाता माता के दर्शन करते हैं, जिससे कि उनके बच्चे को सौभाग्य की प्राप्ति हो सके।