Mythology Story: हर मां को मिलता है Lord Ganesha के उस वरदान का फल, जो उन्होंने अपनी मां Parvati को दिया था

Mar 18, 2026
Astro Panchang
भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता और विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। वह मां पार्वती के प्रिय और आज्ञाकारी पुत्र हैं। मां पार्वती ने अपने शरीर के मैल और दिव्य शक्ति से गणेश का जन्म किया था। मां-पुत्र का यह संबंध बेहद पवित्र और अनोखा है। इसमें भक्ति और ममता का गहरा भाव छिपा है। भगवान गणेश ने अपनी मां देवी पार्वती की आज्ञा का पालन करने के लिए अपना मस्तक तक कटवा दिया था। जिसके बाद उनको हाथी का सिर लगाकर पुनर्जीवित किया गया था। साथ ही भगवान गणेश को सभी देवताओं में प्रथम पूज्य होने का आशीर्वाद भी मिला था।
ऐसा भी माना जाता है कि मां पार्वती ने भगवान गणेश को एक मां के रूप पर सभी तरह की शिक्षा प्रदान की थी। वहीं पुत्र के तौर पर श्रीगणेश ने भी उन सभी शिक्षाओं को ग्रहण किया था। लेकिन एक घटना ऐसी है, जब भगवान गणेश ने अपनी मां देवी पार्वती को एक वरदान दिया था।
क्या दिया था वरदान
पौराणिक कथाओं के मुताबिक भगवान गणेश ने अपनी मां देवी पार्वती को एक महत्वपूर्ण और विशेष वरदान दिया था। बता दें कि यह वरदान विशेष रूप से संकष्टी चतुर्थी के व्रत से संबंधित है। जिसको माताएं अपनी संतान की सुख-समृद्धि और लंबी आयु के लिए रखती हैं।
मां पार्वती ने अपने पुत्र गणेश के लिए एक खास व्रत और पूजा की थी। जिसको आज संकष्टी चतुर्थी के रूप में जाना जाता है। तब श्री गणेश ने अपनी मां पार्वती की भक्ति और प्रेम से अति प्रसन्न हुए थे। ऐसे में भगवान गणेश ने मां पार्वती से प्रसन्न होकर उनको एक दिव्य वरदान दिया था।