Famous Temple: दिल्ली का 800 साल पुराना Gauri Shankar Temple, जानिए इसका Spiritual Significance

Sep 08, 2026
Astro Panchang
भगवान शिव को भोलेनाथ और भोले भंडारी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है जो भी भक्त सच्चे दिल से महादेव की पूजा करते हैं, तो भगवान शिव अपने भक्तों की मनोकामना जरूर पूरा करते हैं। दिल्ली के चांदनी चौक में भगवान शिव का एक ऐसा प्राचीन मंदिर है, जहां पर लोग विशेष रूप से शादी और प्रेम जीवन में चलने वाली बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना करने के लिए आते हैं। वहीं सावन के महीने में और विशेष त्योहारों पर यहां भक्तों की भारी भीड़ होती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको दिल्ली के गौरी शंकर मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं।
जानें क्या है गौरी शंकर मंदिर की विशेषता
दिल्ली का गौरी शंकर मंदिर करीब 800 साल पुराना है। यहां पर मौजूद शिवलिंग स्वयं ही प्रकट हुआ है। इस शिवलिंग के चारों ओर चांदी के सांप लोट रहे हैं। इस मंदिर में गौरी शंकर की बेहद खूबसूरत मूर्ति है। इस मूर्ति के कारण ही मंदिर का नाम गौरी शंकर पड़ा है।
गौरी शंकर स्वरूप का महत्व
भगवान शिव का गौरी शंकर स्वरूप विशेष रूप से प्रेम और विवाह जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करने से संबंधित है। इस मंदिर में सिर्फ सावन में ही नहीं बल्कि हर दिन कई प्रेम युगल इस आस्था के साथ आते हैं कि भोलेनाथ और मां पार्वती जल्दी उनका विवाह करा देंगे।
वहीं जिनकी शादी नहीं हो रही है या फिर जिनकी शादी में अड़चनें आ रही हैं, वह भी इस मंदिर में आकर शिवलिंग पर जल चढ़ाते हैं और भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।