Mahamrityunjay Mantra: महामृत्युंजय मंत्र के रोजाना जप करने से मिलते हैं कई फायदे, तमाम परेशानियों का होता है अंत

May 16, 2024
Astro Panchang
महामृत्युंजय मंत्र भगवान शिव को प्रसन्न करने वाला मंत्र है। ऋग्वेद से लेकर यजुर्वेद तक में इस मंत्र का उल्लेख मिलता है। मान्यता है कि जो व्यक्ति भयमुक्त और रोगमुक्त जीवन चाहता है और अकाल मृत्यु के डर से खुद को दूर रखना चाहता है, उसको भगवान शिव के इस मंत्र का जाप करना चाहिए। यह भगवान शिव का सबसे प्रिय मंत्र है। इस मंत्र के जप से मनुष्य के ऊपर से सभी तरह की बाधाएं और परेशानियों का अंत हो जाता है।
महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् ।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥
महामृत्युंजय मंत्र का अर्थ
महामृत्युंजय मंत्र का अर्थ है कि हम भगवान शंकर की पूजा करते हैं। उनके तीन नेत्र हैं जो सुगंधित हैं और हमारा पोषण करते हैं। जिस तरह से फल शाखा के बंधन से मुक्त हो जाता है, ठीक उसी तरह हम भी मृत्यु और नश्वरता से मुक्त हो जाएं।