Tulsi Puja: Tulsi Puja में कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये Mistake? जानें चुनरी चढ़ाने का सही तरीका और नियम

Mar 17, 2026
Astro Panchang
हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को सिर्फ पौधा नहीं बल्कि साक्षात मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है। विशेष रूप से तुलसी को शालिग्राम की पत्नी के रूप में पूजा जाता है। तुलसी का विवाह शालिग्राम से कराया जाता है। तुलसी की पूजा करना, जल अर्पित करना और उनकी परिक्रमा करना आदि परंपरा से ज्यादा पुण्यकर्म माना जाता है। इसी आस्था के चलते कई भक्त तुलसी के पौधे को चुनरी ओढ़ाते हैं। लेकिन क्या आप जानते है कि ऐसा करना सही है या गलत। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि तुलसी को चुनरी ओढ़ाना सही है या गलत।
जानिए तुलसी को चुनरी चढ़ाना सही है या गलत
सनातन धर्म में किसी भी विवाहित महिला या फिर देवी को वस्त्र ओढ़ाना सम्मान और श्रद्धा व्यक्त करना माना जाता है। तुलसी को 'मां' या 'वृंदा देवी' कहकर संबोधित किया जाता है। ऐसे में तुलसी को चुनरी ओढ़ाने का मतलब है कि उनको आप एक सुहागिन देवी के रूप में आदर देना और पूजा करना है।
वहीं हिंदू धर्म में तुलसी को भगवान श्रीहरि विष्णु की पत्नी मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि जहां पर तुलसी का पौधा होता है, वहां पर मां लक्ष्मी का भी वास होता है। लक्ष्मी जी को वस्त्र अर्पित करने से जातक के जीवन में सुख-समृद्धि, धन और ऐश्वर्य बना रहता है। तुलसी को चुनरी ओढ़ाना पवित्रता और सुरक्षा का भाव प्रदान करता है।
तुलसी को चुनरी ओढ़ाना इस बात का भी प्रतीक है कि भक्त देवी मां की देखभाल कर रहे हैं और उनकी मर्यादा को बनाए रख रहे हैं। ज्योतिष में तुलसी के पौधे का संबंध वैसे तो सभी ग्रह से है, लेकिन इसका मुख्य नाता बुध और बृहस्पति ग्रह से जोड़कर देखा जाता है। इन्हीं ग्रहों से जुड़ी चुनरी तुलसी के पौधे को ओढ़ाई जाती है।