Rudraksha Benefits: Shiva Puran के अनुसार रुद्राक्ष से जुड़े ये भ्रम दूर करना जरूरी, जानिए Scientific and Spiritual महत्व

Aug 31, 2026
Astro Panchang
हिंदू धर्म और वैदिक ग्रंथों में रुद्राक्ष को बेहद पवित्र और शक्तिशाली माना गया है। भारत और दुनिया में कई लोग सदियों से रुद्राक्ष को धारण करते आ रहे हैं। हिंदू धर्म में रुद्राक्ष की मान्यता और भी खास इसलिए हो जाती है। क्योंकि इसको भगवान शिव से जुड़ा माना जाता है। शिव महापुराण के मुताबिक भगवान शिव के आंसुओं से रुद्राक्ष की उत्पत्ति हुई है।
इसको धारण करने से जातक के कर्म शुद्ध होते हैं और आध्यात्मिक पुण्य की प्राप्ति होती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको रुद्राक्ष से जुड़े कुछ ऐसे मिथकों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनको लेकर लोग असमंजस की स्थिति में रहते हैं।
पीरियड्स के दौरान रुद्राक्ष उतारना सही है या नहीं
कई महिलाओं के मन में सवाल रहता है कि पीरियड्स के समय रुद्राक्ष नहीं पहनना चाहिए। लेकिन इस बात में बिलकुल भी सच्चाई नहीं है। दरअसल, रुद्राक्ष एक बीज है, जिसकी एनर्जी नाजुक नहीं है। किसी भी धार्मिक शास्त्र में पीरियड्स के समय इसको न धारण करने के किसी भी नियम के बारे में नहीं बताया गया है। यह फैसला पूरी तरह से आप पर निर्भर करता है।
अलग-अलग मुखी का रुद्राक्ष धारण करना अशुभ
सबसे पहले यह समझें कि हिंदू धर्म में रुद्राक्ष का आध्यात्मिक महत्व बेहद होता है। जिस कारण इसको धारण करना अशुभ नहीं माना जाता है। 5 मुखी और 7 मुखी रुद्राक्ष को एक साथ पहने से एक साथ मनके की एनर्जी काम करती है। न कि उसके खिलाफ। अलग-अलग मुखी रुद्राक्ष आपकी ऊर्जा को समर्थन करने के लिए है।