Amarnath Yatra Mystery: अमर कबूतरों का जोड़ा, जानें बाबा बर्फानी की गुफा का अनसुना रहस्य

May 12, 2026
Astro Panchang
हिंदू धर्म में 12 ज्योतिर्लिगों के दर्शन करने का विशेष महत्व बताया गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि 12 ज्योतिर्लिगों में शामिल न होने के बाद भी अमरनाथ में स्थापित शिवलिंग के दर्शन का विशेष महत्व होता है। अमरनाथ में भगवान शिव को बाबा बर्फानी के रूप में पूजा जाता है। जोकि आस्था और मोक्ष का अनूठा केंद्र है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बाबा बर्फानी के महत्व के बारे में बताने जा रहे हैं और साथ ही यहां पर मौजूद कबूतरों के रहस्य के बारे में भी जानेंगे।
अमरेश्वर शिवलिंग का महत्व
बाबा बर्फानी 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल न होकर इसलिए भी खास है, क्योंकि यह स्वयंभू हिमलिंग है। जहां पर ज्योतिर्लिंग स्थापित किए जाते हैं, वहीं अमरनाथ गुफा में शिवलिंग प्राकृतिक रूप से बर्फ की बूंदों से बनता है। यह बूंद गुफा की छत से टपकती है। यह शिवलिंग चंद्रमा की कलाओं के साथ घटता और बढ़ता रहता है। यह शिवलिंग सावन महीने में प्रकट होता है और सावन पूर्णिमा यानी रक्षाबंधन तक रहता है। धार्मिक मत है कि बाबा बर्फानी के दर्शन करने मात्र से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
क्यों पवित्र मानी जाती है ये गुफा
अमरनाथ गुफा को बेहद पवित्र और पावन मानी जाती है। क्योंकि यह वही स्थान है, जहां पर भगवान शिव ने मां पार्वती को अमरकथा सुनाई थी। इस कारण इसको 'अमरनाथ' कहा जाता है और इस स्थान को मोक्ष की प्राप्ति के लिए भी परम पवित्र मानी जाती है। इस गुफा की एक खासियत यह भी है कि यहां मुख्य शिवलिंग के साथ गुफा में मां पार्वती और भगवान गणेश के भी हिमखंड प्राकृतिक रूप में निर्मित होते हैं।
जानें अमर कबूतरों का रहस्य
पौराणिक कथा के मुताबिक जब महादेव मां पार्वती को अमर कथा सुना रहे थे, तो इस दौरान कबूतर के जोड़े ने इस कथा को सुन लिया और वह अमर हो गए। जब यह बात भगवान शिव को पता चली तो वह क्रोधित हुए। वहीं बाद में महादेव ने उन कबूतरों को शिव-पार्वती के प्रतीक के रूप में हमेशा गुफा में रहने का वरदान दिया। माना जाता है कि जिस भी भक्त को इस गुफा में दो कबूतर दिखते हैं, वह बेहद भाग्यशाली होते हैं।