Bangladesh Shakti Peeths: Sati के अंग गिरने से Bangladesh में बने 7 Power-Peeth, जानें कहां गिरी थी हथेली और गर्दन

Mar 09, 2026
Astro Panchang
शुक्रवार का दिन मां दुर्गा को समर्पित है। इस दिन मां दुर्गा और उनके रूपों की भक्तिभाव से पूजा की जाती है। मां दुर्गा की पूजा करने से जातक को जीवन में सभी तरह के भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है। वहीं जीवन में व्याप्त सभी तरह के संकटों से मुक्ति मिलती है। वहीं मां दुर्गा की पूजा से सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती है। सनातन शास्त्रों में मां दुर्गा की महिमा का विस्तार पूर्वक वर्णन किया गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में भी 7 शक्तिपीठ हैं। जोकि अपनी धार्मिक मान्यताओं के लिए दुनियाभर में फेमस हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बांग्लादेश में स्थित 7 शक्तिपीठों के बारे में बताने जा रहे हैं।
जेसोरेश्वरी शक्तिपीठ
यह शक्तिपीठ मां काली को समर्पित है। माना जाता है कि इस मंदिर का वास्तुकला 13वीं शताब्दी के समय की है। इस मंदिर की वास्तुकला में 13वीं सदी की झलक देखने को मिलती है। जेसोरेश्वरी शक्तिपीठ बांग्लादेश के सतखिरा जिले में स्थित है। इस स्थान पर मां सती की हथेलियां गिरी थीं। देश के पीएम नरेंद्र मोदी ने जेसोरेश्वरी शक्तिपीठ मंदिर की यात्रा की थी।
सुगंधा शक्तिपीठ
सुगंधा शक्तिपीठ मां तारा को समर्पित है। यह मंदिर सुगंधा नदी के तट पर स्थित है। धार्मिक मान्यता है कि यहां पर मां सती की नाक गिरी थी। यह शक्तिपीठ बांग्लादेश के शिकारपुर में है और मंदिर के रक्षक भैरव हैं। बांग्लादेश के शिकारपुर में स्थिय यह शक्तिपीठ हिंदुओं के लिए प्रमुख तीर्थ स्थल है। इस मंदिर में स्थित प्रतिमाओं की कई बार चोरी हुई है।
चट्टल मां भवानी शक्तिपीठ
चट्टल मां भवानी शक्तिपीठ बांग्लादेश के चटगांव जिले में स्थित चट्टल मां भवानी शक्तिपीठ चंद्रनाथ पर्वत के शिखर पर स्थित है। यहां पर मां सती के ठुड्डी का अंश गिरा था। इस शक्तिपीठ को भवानी शक्तिपीठ भी कहा जाता है।