Famous Temple: उज्जैन के नागचंद्रेश्वर सहित 5 रहस्यमयी नाग मंदिर, बदल देंगे आपकी किस्मत

Aug 23, 2025
Astro Panchang
भगवान शिव की कृपा और आशीर्वाद पाने के लिए लोग शिवालयों में दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। जहां पर शिव परिवार की पूजा-अर्चना करने के साथ ही नाग देवता पर भी दूध चढ़ाते हैं। माना जाता है कि जो भी भक्त भगवान शिव के साथ नाग देवता की पूजा-अर्चना करता है, उसके हर दुख दूर होते हैं और हर तरह के दोषों से मुक्ति भी मिलती है। वहीं कुछ मंदिरों की अपनी एक मान्यता होती है, जहां पर जाने से आपके जीवन की कई चीजें बदल सकती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको भारत के कुछ ऐसे मंदिरों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनको बेहद शक्तिशाली माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस मंदिरों के दर्शन करने से बीमारी से लेकर दोषों तक का अंत होता है।
मन्नारसाला श्री नागराजा मंदिर, केरल
केरल के हरिपाड में स्थित जंगलों से घिरा मन्नारसाला श्री नागराजा मंदिर भारत के कुछ सबसे अधिक पूजे जाने वाले मंदिरों में शुमार है। इस मंदिर की खासियत यह है कि मंदिर में पूजा की जिम्मेदारी महिला पुजारी निभाती हैं। यह मंदिर सांपों के राजा को समर्पित है। यहां पर 30 हजार से अधिक नागों की मूर्तियां स्थापित हैं। सावन के महीने में यहां का माहौल एकदम हरियाली और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर जाता है। लोगों का मानना है कि यहां पर पूजा-अर्चना करने संतान संबंधी समस्याएं दूर हो जाती हैं और परिवार की पीढ़ियां सुरक्षित करती हैं।
कुक्के सुब्रमण्य मंदिर, कर्नाटक
दक्षिण कन्नड़ के वेस्टर्न घाट में स्थित पहाड़ियों पर बना कुक्के सुब्रमण्य मंदिर सांपों के देवता को समर्पित है। यह मंदिर काफी शक्तिशाली माना जाता है। यहां पर भगवान सुब्रमण्य को नागों के स्वामी के रूप में पूजते हैं। यहां पर सावन के महीने में खासकर सर्प संस्कार और अश्लेषा बली जैसे खास अनुष्ठान किए जाते हैं। जिससे कि पूर्वजों के श्रापों से मुक्ति मिल जाए। इस मंदिर के चारों ओर घने जंगल, पहाड़ और कुमारधारा का खूबसूरत नजारा देखने को मिलता है। सावन के महीने में पूजा और भी खास हो जाती है।
नागचंद्रेश्वर मंदिर, उज्जैन
महाकालेश्वर मंदिर के बारे में तो हर कोई जानता है, लेकिन इसकी तीसरी मंजिल पर नागचंद्रेश्वर मंदिर स्थित है। जोकि उज्जैन के फेमस मंदिरों में शामिल है। यह मंदिर साल में बस एक बार यानी की नागपंचमी के दिन खुलता है। फिर 24 घंटे के बाद बंद भी हो जाता है। यहां पर भगवान शिव, मां पार्वती और उनके ऊपर फन फैलाए बैठे नाग देवता की मूर्ति मिलती है। सावन के महीने में यहां पर दर्शन करना श्रद्धालुओं के लिए सौभाग्य की बात होती है।