कब है संकट दूर करने वाला संकष्टी चतुर्थी व्रत? जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Jan 17, 2022
हिंदू धर्म में ऐसे कई व्रत हैं जो माताएं अपनी संतान के लिए रखती हैं। उनमें से सकट चौथ के व्रत का विशेष महत्व है। पंचांग के अनुसार माघ माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि को सकट चौथ के रूप में मनाया जाता है। इस बार सकट चौथ 21 जनवरी 2022 को है। इसे संकटा चौथ, संकष्टी और तिलकुट चौथ आदि नामों से जाना जाता है। इस दिन महिलाऐं निर्जला व्रत रखती हैं और अपनी संतान की लंबी आयु और खुशहाल जीवन के लिए कामना करती हैं। यह पर्व भगवान गणेश को समर्पित होता है। इस दिन भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा की जाती है और तिल के लड्डू चढ़ाए जाते हैं।
सकट चौथ का महत्व
सकट चौथ का व्रत संतान की दीर्घायु और खुशहाल जीवन की कामना के लिए रखा जाता है। इसे संकट हरने वाली गणेश चतुर्थी भी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सकट चौथ के दिन भगवान गणेश की पूजा के बाद शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर ही व्रत तोड़ा जाता है। इस दिन चन्द्रमा को दूध में शहद, रोली, चंदन और रोली डालकर अर्घ्य देना चाहिए।
सकट चौथ व्रत शुभ मुहूर्त
सकट चौथ व्रत तिथि - 21 जनवरी 2022 (शुक्रवार)
चतुर्थी तिथि प्रारंभ - 21 जनवरी को सुबह 08 बजकर 51 मिनट से