Lakshmi Panchami 2026: कर्ज मुक्ति के लिए आज रखें व्रत, जानें सही Puja Muhurat और महत्व

Lakshmi Panchami 2026: कर्ज मुक्ति के लिए आज रखें व्रत, जानें सही Puja Muhurat और महत्व

चैत्र नवरात्रि के दौरान आने वाला लक्ष्मी पंचमी पर्व का विशेष महत्व माना जाता है। हिंदू पंचांग के मुताबिक चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को लक्ष्मी पंचमी मनाई जाती है। इस बार यह 23 मार्च 2026 को मनाया जा रहा है। नवरात्रि के पांचवे दिन स्कंदमाता की पूजा की जाती है और इस बार लक्ष्मी पंचमी पर बेहद शुभ संयोग बन रहा है। माना जाता है कि मां लक्ष्मी इस दिन सबसे प्रसन्न मुद्रा में होती हैं। अगर आप कर्ज से परेशान हैं या खूब मेहनत करने के बाद भी पैसा आपके हाथ में नहीं टिकता है, तो आपको लक्ष्मी पंचमी का व्रत जरूर करना चाहिए। तो आइए जानते हैं लक्ष्मी पंचमी की तिथि, मुहूर्त, पूजन विधि और महत्व के बारे में...


तिथि और मुहूर्त

द्रिक पंचांग के मुताबिक चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी की शुरूआत 22 मार्च की रात 09:16 मिनट पर हुई है। वहीं आज यानी 23 मार्च की शाम को 06:38 मिनट पर इस तिथि की समाप्ति होगी। ऐसे में उदयातिथि के आधार पर आज यानी की 23 मार्च 2026 को लक्ष्मी पंचमी का व्रत किया जाएगा।


पूजन विधि

इस दिन सुबह जल्दी स्नान आदि करने के बाद सफेद या गुलाबी रंग के कपड़े पहनें। फिर पूजा स्थल पर मां लक्ष्मी की प्रतिमा को स्थापित करें। अगर आपके पास श्रीयंत्र है तो आज इसकी भी विधि-विधान से पूजा करें। मां लक्ष्मी को गंगाजल और दूध से अभिषेक कराएं और उनको गुलाब या कमल का फूल अर्पित करें। अब गाय के शुद्ध घी का दीपक जलाएं और इसमें एक लौंग डाल दें। इससे नकारात्मक एनर्जी दूर होती है। पूजा के अंत में आरती करें और पूजा में हुई भूलचूक के लिए क्षमायाचना करें।


महत्व

हिंदू धर्म में लक्ष्मी पंचमी का अधिक महत्व होता है। लक्ष्मी पंचमी को 'श्री पंचमी' या 'कल्पादि पंचमी' कहा जाता है। इस दिन व्रत करने से जातक के जीवन में सुख-समृद्धि आती है। वहीं घर की दरिद्रता भी दूर होती है।


मंत्र

ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः॥
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः॥
ॐ पृथ्वी त्वया घृता लोका देवि त्वं विष्णुना घृता। त्वं च धारय मां देवि पवित्रं कुरु चासनम्॥
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