Jaya Parvati Vrat पर 5 दिनों तक इन Rules का करें पालन, अखंड सौभाग्य के लिए Women ऐसे करें महादेव की पूजा

Jul 27, 2026
Astro Panchang
हिंदू धर्म में जया पार्वती के व्रत का खास महत्व होता है। इसमें लगातार 5 दिनों तक व्रत किया जाता है। इस दौरान भगवान शिव और मां पार्वती की जया के रूप में पूजा की जाती है। जया पार्वती व्रत अविवाहित कन्याएं और विवाहित महिलाएं दोनों रखती हैं। कुंवारी लड़कियां योग्य पति के लिए यह व्रत करती हैं। वहीं शादीशुदा महिला पति की लंबी उम्र और खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए यह व्रत करती हैं। इसके साथ ही संतान प्राप्ति के लिए भी जया पार्वती व्रत रखा जाता है। तो आइए जानते हैं जया पार्वती व्रत की तिथि, महूर्त, पूजन विधि और महत्व के बारे में...
तिथि और मुहूर्त
वैदिक पंचांग के मुताबिक हर साल आषाढ़ माह की शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी से जया पार्वती व्रत की शुरूआत होती है। इस बार 26 जुलाई 2026 की दोपहर 01:57 मिनट से त्रयोदशी तिथि की शुरूआत हुई थी। इस तिथि की समाप्ति आज यानी 27 जुलाई की दोपहर 04:14 मिनट पर होगा। ऐसे में जया पार्वती व्रत 27 जुलाई को शुरू हो रहा है।
पूजन विधि
इस दिन सुबह जल्दी स्नान आदि करने के बाद शुद्ध कपड़े पहनें। फिर घर के मंदिर में एक छोटे पात्र में पानी में ज्वार और गेहूं के दाने बोएं। अब पात्र के ऊपर 3 या 7 बार कलावा लपेटें। जिसको कुमकुम से रंग लें। लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर भगवान शिव और मां पार्वती की मूर्ति को स्थापित करें। फिर हाथ में जल लेकर व्रत रखने का संकल्प लें। इसके बाद भगवान शिव और मां पार्वती को जल, चंदन, अक्षत, वस्त्र, श्रृंगार का सामान, फल, फूल और मिठाई आदि अर्पित करें।
घी का दीपक जलाकर 'ऊँ नम: शिवाय' और 'ऊँ पार्वतीपतये नम:' मंत्र का 11 या 21 बार जाप करें। इसके बाद जया पार्वती व्रत की कथा पढ़ें और आरती करें। वहीं पूजा के अंत में क्षमायाचना करके पूजा का समापन करें।