Holi 2026: आ गया Festival of Colors, इन उपायों से घर लाएं Positive Energy और खुशियां

Holi 2026: आ गया Festival of Colors, इन उपायों से घर लाएं Positive Energy और खुशियां

आज यानी की 04 मार्च 2026 को पूरे देश में होली का पर्व मनाया जा रहा है। हर साल चैत्र माह में होली का पर्व मनाया जाता है। क्योंकि यह महीना परिवर्तन का समय होता है। ऐसे में रंग, नृत्य, संगीत और मेल-मिलाप से मन की नकारात्मकता दूर होती है। होली के पर्व पर लोग एक-दूसरे को रंग और गुलाल लगाते हैं। वहीं अलग-अलग रंग मनोदशा को बदलते हैं और तनाव को भी कम करते हैं। तो आइए जानते हैं होली की तिथि, रंग खेलने का सही समय, महत्व और मान्यता के बारे में...


रंग खेलने का समय

द्रिक पंचांग के मुताबिक आज 04 मार्च की सुबह से रंग खेलना शुभ माना जा रहा है। होली खेलने का सही समय सुबह का होता है। माना जाता है कि दिन की शुरूआत में वातावरण ज्यादा शुद्ध और सकारात्मक ऊर्जा से भरा होता है। इसलिए सुबह के समय रंग खेलना शुभ माना जाता है। इसलिए प्रयास करें कि सुबह के समय होली का आनंद लें।


होली का महत्व

ज्योतिष के मुताबिक होली के रंगों का संबंध ग्रहों से भी माना जाता है। अलग-अलग रंगों के इस्तेमाल से ग्रहों का निगेटिव प्रभाव कम हो सकता है। साथ ही जीवन में सकारात्मकता आ सकती है। इसलिए होली का पर्व जितने अधिक रंग और खुशियों के साथ मनाया जाता है, उतना ही बेहतर माना जाता है। इसलिए होली का पर्व जरूर मनाया जाना चाहिए। खुशियों के साथ मनाई गई होली न सिर्फ हमारे मन को प्रसन्न करती है, बल्कि आने वाले कई महीनों की मानसिक शांति, ऊर्जा और सकारात्मकता भी प्रदान करती है।


मान्यता

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक होली के दिन ही कामदेव का पुनर्जन्म हुआ था। भगवान शिव ने कामदेव को भस्म कर दिया था। लेकिन फाल्गुन माह की पूर्णिमा को कामदेव का पुनर्जन्म हुआ था। वहीं कुछ मान्यताओं के मुताबिक भगवान श्रीकृष्ण ने इस दिन पूतना राक्षसी का अंत किया था। इसलिए यह पर्व भगवान शिव और भगवान कृष्ण से जुड़ा माना जाता है। बृज क्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण के साथ फूलों और रंगों की होली खेली जाती है। वहीं वाराणसी में भगवान शिव के साथ भस्म की होली खेली जाती है।

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