Lord Ram Kundli: श्रीराम को जीवन में करना पड़ा कई संघर्षों का सामना, जानिए कैसी थी कुंडली

Mar 19, 2025
Astro Panchang
जगत के पालनहार भगवान विष्णु के स्वरूप श्रीराम का जन्म अयोध्या में हुआ था। वह अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र थे। भगवान श्रीराम का विवाह मिथिला की राजकुमारी सीता से हुआ था। हालांकि श्रीराम को न सिर्फ जीवन बल्कि अपने वैवाहिक जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा था। माना जाता है कि श्रीराम की कुंडली में ग्रहों की स्थिति और संयोग कुछ ऐसा रहा था कि उनको अपने जीवन, वैवाहिक जीवन से लेकर राजपाट तक में कई समस्याओं और परेशानियों का सामना करना पड़ा था। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको भगवान श्रीराम की कुंडली के बारे में बताने जा रहे हैं।
राम जी की कुंडली
नौमी तिथि मधुमास पुनीता। सुकल पच्छ अभिजित हरिप्रीता॥
मध्यदिवस अति सीत न घामा। पावन काल लोक बिश्रामा॥
रामचरितमानस के बालकांड में इस दोहे का उल्लेख मिलता है। इस दोहे में भगवान राम के जन्म का समय बताया है। इसके मुताबिक चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि के दिन श्रीराम का जन्म हुआ था। उनका जन्म कर्क लग्न में अभिजीत मुहूर्त में हुआ था। भगवान श्रीराम की कुंडली में कई तरह के शुभ और अशुभ योग हैं। जिसका उनके जीवन पर भी प्रभाव पड़ा था। श्रीराम की कुंडली में रूचक योग, शश पंच योग, महापुरुष योग, हंस योग और लग्न में शत्रुहंता योग भी बन रहा है।