Pitru Paksha में जन्म लेने वाले बच्चे बढ़ाते हैं कुल का मान, मेहनत से पाते हैं सफलता

Oct 07, 2026
Astro Panchang
हमारे आसपास कई ऐसे लोग होते हैं, जिनका जन्म पितृपक्ष के समय हुआ होता है। हिंदू धर्म में पितृपक्ष का समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। क्योंकि पितृपक्ष की अवधि पूरी तरह से पितरों को समर्पित होती है। इस दौरान लोग अपने पूर्वजों का तर्पण करते हैं और पितरों की आत्माशांति के लिए श्राद्धकर्म भी किए जाते हैं। ऐसे में जब भी किसी बच्चे का जन्म पितृपक्ष की अवधि में होता है, तो उसके जीवन और स्वभाव को लेकर मन में कई तरह से सवाल आते हैं।
अक्सर यह सवाल पूछा जाता है कि पितृपक्ष में जन्म लेने वाले बच्चे क्या अशुभ माने जाते हैं। क्या इस दौरान जन्म लेने वाले बच्चे के जीवन पर कोई विशेष प्रभाव पड़ता है या फिर यह उसने जीवन के लिए शुभ संकेत होता है।
ऐसे होते हैं पितृपक्ष में जन्मे लोग
ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक पितृपक्ष में जन्मे बच्चे काफी भाग्यशाली माने जाते हैं। माना जाता है कि इन बच्चों पर पितरों की विशेष कृपा रहती है। पितरों का आशीर्वाद मिलने की वजह से यह जातक अपने जीवन में अलग पहचान बनाने में सफल रहते हैं।
इन लोगों में परिस्थितियों को समझने और भविष्य को लेकर सही अंदाजा लगाने की क्षमता अच्छी मानी जाती है। वहीं पितृपक्ष में जन्म बच्चे अपने परिवार के लिए बेहद शुभ माने जाते हैं। यह परिवार का नाम रोशन करने के अलावा जीवन में मान-सम्मान हासिल कर सकते हैं।
पितृपक्ष में जन्में बच्चों का स्वभाव
पितृपक्ष में जन्मे बच्चों की कुंडली में चंद्रमा की स्थिति कुछ कमजोर हो सकती है। जिस कारण इनको कभी-कभी भावनात्मक उतार-चढ़ाव या मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन इन लोगों के अंदर रचनात्मकता की कोई कमी नहीं होती है।
यह बच्चे अपनी प्रतिभा के दम पर अलग पहचान बनाते हैं और इनमें सही समय पर निर्णय लेने की क्षमता अच्छी होती है। सामान्य रूप से यह सकारात्मक सोच रखने वाले होते हैं और मुश्किल से भी मुश्किल परिस्थितियों में रास्ता ढूंढ लेते हैं। ऐसे जातक कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा और मेहनत के बल पर सफलता हासिल कर सकते हैं। वहीं आकर्षक स्वभाव की वजह से इनको परिवार और आसपास के लोगों का खूब प्यार मिलता है।