Astrology Tips: शनि की साढ़ेसाती-ढैय्या में भूलकर भी न करें ये 5 काम, इन राशियों पर है भारी

May 14, 2026
Astro Panchang
वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह का विशेष महत्व माना जाता है। क्योंकि यह शनि ग्रह सबसे मंद गति से चलने वाला ग्रह होता है। इसके अलावा शनि एकमात्र ऐसे ग्रह हैं, जिनको न्यायाधीश और कर्म के आधार पर फल देते हैं। जिन जातकों की कुंडली में शनि ग्रह कमजोर होता है, उनको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जिन जातकों की कुंडली में शनि ग्रह मजबूत होता है, उनको हर सुख-सुविधा प्राप्त होती है।
वहीं 29 मार्च 2025 से शनि मीन राशि में गोचर कर गए हैं। जिससे कुछ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या जारी है। इस दौरान कई तरह की सावधानी बरतनी होती है। शनि के मीन राशि में गोचर होने से मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हुआ है। वहीं कुंभ राशि के लोगों पर शनि का साढ़ेसाती का आखिरी चरण और मीन राशि पर दूसरा चरण चल रहा है। वहीं सिंह और धनु राशि पर शनि की ढैय्या शुरू हो गई है। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि जिन पांच राशि पर शनि भारी हैं, उनको कुछ खास बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
साढ़ेसाती और ढैय्या में क्या न करें
जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या चल रही है, तो ऐसे लोगों को सादा जीवन बिताना चाहिए। ऐसे लोगों को मांस-मदिरा आदि से दूर रहना चाहिए। क्योंकि अगर आप इस अवधि में मांस-मदिरा का सेवन करेंगे, तो शनिदेव का प्रकोप सहना पड़ सकता है।
शनि के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए कभी असहाय जीव-जंतुओं को बिना वजह परेशान नहीं करना चाहिए।