वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर में भगवान शिव की चतुर्भुज तस्वीर या किसी भी रूप में महादेव की तस्वीर लगाना बेहद शुभ माना जाता है। भगवान शिव का चतुर्भुज रूप भगवान विष्णु के चतुर्भुज रूप से अलग है। शिव के चतुर्भुज रूप में वह ध्यान मुद्रा में या प्रसन्नचित मुद्रा में है। इतना ही नहीं अलग-अलग तस्वीरों में भगवान शिव अलग-अलग मुद्रा में बैठे हुए हैं। भगवान शिव की इस तरह की तस्वीर घर में लगाने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और घर में सुख-शांति व समृद्धि बनी रहती है।
भगवान शिव के चतुर्भुज रूप की तस्वीर घर में लगाने से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है और समस्याओं से भी बचाती है। भगवान शिव की प्रसन्न मुद्रा वाली तस्वीर घर में लगाने से घर में सुख-शांति, खुशहाली और समृद्धि लाती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि क्या भगवान शिव की चतुर्भुज तस्वीर घर में लगा सकते हैं और किस दिशा में लगाने से लाभ मिलता है।
किस दिशा में लगाएं चतुर्भुज शिव की तस्वीर
वास्तु शास्त्र के मुताबिक भगवान शिव की तस्वीर या मूर्ति हमेशा घर में उत्तर दिशा में लगानी चाहिए। इसकी पीछे यह कारण है कि कैलाश पर्वत, जोकि भगवान शिव का निवास स्थान है, उत्तर दिशा में स्थित है। भगवान शिव की चतुर्भुज तस्वीर ऐसी जगह लगाएं, जहां घर में आने-जाने वाले लोग आसानी से दर्शन कर सकें। अगर आप भगवान शिव की चतुर्भुज तस्वीर लगा रहे हैं, तो इस बात का खास ख्याल रखें कि भगवान शिव प्रसन्न मुद्रा में होने चाहिए। इससे घर में सुख-शांति और सौभाग्य की प्राप्ति हो सकती है और जीवन में आने वाली परेशानियां दूर हो सकती हैं।
तस्वीर लगाने के नियम
आप जिस भी दीवार पर या जगह पर शिवजी की तस्वीर लगा रहे हैं। ध्यान रखें कि वह जगह साफ-सुथरी होनी चाहिए। कभी भी भगवान शिव की तस्वीर या मूर्ति बेडरूम में नहीं लगानी चाहिए, क्योंकि इसको शुभ नहीं माना जाता है।
अगर आप अपने घर में शिवजी की चतुर्भुज तस्वीर लगा रहे हैं, तो रोजाना पूजा-पाठ जरूर करें।
भगवान शिव के विशेष मंत्रों का जाप करना विशेष रूप से लाभकारी हो सकता है।