कहा जाता है कि एक तस्वीर हजार शब्दों के बराबर होती है। लेकिन वास्तु शास्त्र की मानें, तो तस्वीर सिर्फ यादें नहीं संजोती है, बल्कि वह आपके घर की एनर्जी और रिश्तों की गहराई को भी तय करती है। अक्सर हम अपनी सबसे खूबसूरत यादों या फिर शादी की तस्वीरों को अपने घर की दीवारों पर टांग देते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत दिशा में लगी तस्वीर पति-पत्नी के बीच अनबन की वजह बन सकती है।
वास्तु शास्त्र के मुताबिक पति-पत्नी की तस्वीर को लगाने के लिए दक्षिण-पश्चिम दिशा सबसे शुभ मानी जाती है। इस दिशा को 'नैऋत्य कोण' भी कहा जाता है। यह दिशा पृथ्वी तत्व का प्रतिनिधित्व करती है। यह रिश्तों में भारीपन यानी की स्थिरता और मजबूरी लाती है। अगर आप इस दिशा में अपनी मुस्कुराती हुई तस्वीर लगाते हैं, तो आपसी विश्वास बढ़ता है और जीवन में आपसी तालमेल बना रहता है।
बढ़ सकती हैं दूरियां
घर की पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में भूलकर भी कपल फोटो नहीं लगानी चाहिए।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक तस्वीर को इन दिशाओं में लगाने से आपसी तालमेल बिगड़ सकता है और स्वभाव में वैचारिक मतभेद या चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है।
बेडरूम में जहां पर आपने फोटो लगाई है, वहां की सामने वाली दीवार पर मिरर नहीं होना चाहिए।
अगर मिरर में आपकी फोटो दिखती है, तो यह निगेटिव एनर्जी का संचार कर सकता है। जिस कारण रिश्तों में तनाव पैदा हो सकता है।
जानिए कैसी होनी चाहिए तस्वीर
सही दिशा
घर या बेडरूम की दक्षिण-पश्चिम दीवार तस्वीर पर लगाने के लिए सबसे शुभ होती है। वास्तु के मुताबिक यह दिशा 'पृथ्वी तत्व' की होती है। जोकि वैवाहिक जीवन में मजबूती और स्थिरता लाती है।
इन दिशाओं में न लगाएं
कभी भी अपनी तस्वीर को पूर्व या उत्तर दिशा में नहीं लगाना चाहिए। जानकारों की मानें, तो इससे पति-पत्नी के बीच अनावश्यक बहस या तनाव बढ़ सकता है।
प्रसन्न तस्वीर
हमेशा तस्वीर प्रसन्न मुद्रा में होनी चाहिए। गंभीर, रोती हुई या फिर उदास चेहरे वाली फोटो घर की पॉजिटिव एनर्जी को कम करती है।
लकड़ी का फ्रेम
वास्तु शास्त्र के मुताबिक कपल फोटो के लिए लकड़ी का फ्रेम सबसे अच्छा माना जाता है। धातु के फ्रेम से बचना चाहिए, क्योंकि यह रिश्तों में ठंडापन ला सकते हैं।
आईना
ध्यान रखना चाहिए कि तस्वीर के सामने कोई मिरर नहीं होना चाहिए। शीशे में फोटो का प्रतिबिंब दिखना वास्तु दोष माना जाता है, जिससे रिश्तों में भ्रम पैदा हो सकता है।