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पैरों में क्यों बांधा जाता है काला धागा? जानिए इसके पीछे की असल वजह

By Astro panchang | May 28, 2020

अक्सर देखने को मिलता है कि लोग अपने पैरों या पैरों के अंगूठे में काला धागा बांधे हुए होते हैं। किसी बच्चे का जन्म होता है तो उसको काला धागा बांधा जाता है। लेकिन इसके पीछे की धारणा आपकी सोच के बिल्कुल उलट हो सकती है।
 
आजकल के चलन में लड़के और लड़कियां ज्यादातर अपने पैरों पर काले धागे बांधते हैं। लेकिन यदि यह मान लिया जाए कि काला धागा बांधना केवल एक शौकिया काम हो सकता है तो बिल्कुल गलत है बल्कि इसके पीछे की क्या वजह है? आज हम आपसे साझा करने जा रहे हैं तो चलिए जानते हैं कि आखिर पैरों में काला धागा बांधने का चलन क्यों है?

ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक काले धागे को धारण करने के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण होते हैं। मानव जीवन से काले धागे का संबंध वास्तविक है। जो जीवन के सापेक्ष मूल्यों पर गलत प्रभावों को निष्क्रिय करने में सक्षम माना जाता है।
 
काले धागे का उपयोग केवल टोटके के रूप में नहीं किया जाता है, अपितु शारीरिक अवस्थाओं में पनपी समस्याओं को दूर करने में भी काले धागे को प्रभावशाली माना जाता है। मात्र ज्योतिष शास्त्र ही नहीं बल्कि वैज्ञानिकता यह कहती है कि काला धागा पंचतत्व से बने हमारे शरीर तक सकारात्मक ऊर्जा के संचरण में आने वाली बाधाओं को दूर करने का एक माध्यम है।

इन कारणों से काले धागे का महत्व 

बुरी नजरों से बचाने के लिए काले धागे का इस्तेमाल तो किया जाता है। यह कोई नई प्रथा नहीं है, बल्कि चिरकाल से लेकर अब तक लोग काले धागे का इस्तेमाल अपने आप को पूरी नजरों से बचाने के लिए धारण करते आए हैं।

काला धागा शरीर को नकारात्मक ऊर्जा से तो सुरक्षित करता ही है, साथ ही घर के मुख्य द्वार पर काले धागे को बांधने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश किसी भी हालत में नहीं हो पाता है।

जिस प्रकार काला रंग ऊर्जा को अवशोषित करने की क्षमता रखता है, शायद यह प्रयोग आपने गर्मियों में करके भी देखा होगा, यदि आप काले रंग का वस्त्र पहनकर घर के बाहर निकलते होंगे तो आपको धूप ज्यादा महसूस हुई होगी। इसका मतलब है कि काला रंग ऊर्जा को अवशोषित करने में सक्षम है और नकारात्मक ऊर्जा को अनवशोषित कर देता है।

कभी-कभी पेट में अचानक दर्द होने लगता है, यह दर्द बर्दाश्त के बाहर हो जाता है ऐसी स्थिति में काले धागे को अपने पैर के दाहिने अंगूठे में धारण करने से आराम मिलने की संभावना होती है। यह आधुनिक युग चिकित्सा का युग है इसलिए लोग धर्म-शास्त्रों और ज्योतिष शास्त्र की बातों को ध्यान ना देते हुए फौरन चिकित्सीय सुविधा का रुख करते हैं। लेकिन कहीं ना कहीं शास्त्रों की बातें अटल सत्य होती हैं।

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