सनातन धर्म में किसी भी धार्मिक आयोजन या फिर मांगलिक कार्यक्रम के दौरान कलाई में कलावा बांधा जाता है। कलावा को रक्षासूत्र भी कहा जाता है। जो निगेटिव एनर्जी से आपका बचाव करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हाथों में पहनना वाला यह कलावा आपकी एनर्जी पर भी असर दिखाता है। गलत तरीके और रंग का कलावा पहनने से ऊर्जा असंतुलन हो सकती है। जिस कारण व्यक्ति को तनाव और आलस जैसी निगेटिव एनर्जी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि कलाई पर किस रंग का कलावा पहनना चाहिए और किस रंग के कलावे का किस ग्रह से संबंध होता है।
लाल रंग का कलावा
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक हाथ में लाल रंग का कलावा पहनने से बुरी नजर से बचाव होता है। वहीं जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ता है। लाल कलावा शक्ति, साहस देने के साथ मंगल दोष से भी बचाता है। हनुमान जी एवं मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए भी लोग लाल रंग का कलावा पहनते हैं। मंगलवार, नवरात्रि या हनुमान जयंती के मौके पर लाल रंग का कलावा पहनना चाहिए।
काला कलावा
कलाई पर काले रंग का धागा आपको बुरी नजर और काले जादू से बचाता है। अक्सर बच्चों और बुजुर्गों के टखनों पर काला धागा बांधा जाता है। जिससे कि उनको किसी की नजर न लगे। काला धागा बांधने के लिए शनिवार का दिन सबसे अच्छा माना जाता है। वहीं जो लोग शनि दोष से परेशान हैं, उनको अपने हाथों में काला धागा जरूर पहनना चाहिए।
पीला कलावा
जिन भी लोगों को गुरु ग्रह कमजोर है, उनको पीला धागा पहनना चाहिए। पीले रंग का धागा पहनने से बुद्धि, ज्ञान और वाणी से जुड़ी समस्या धीरे-धीरे सही होने लगती है। पीले रंग का धागा कलाई में पहनने के लिए बृहस्पतिवार का दिन सबसे सही माना जाता है।
हरा कलावा
वहीं हरे रंग के कलावे का संबंध बुध ग्रह से होता है। जिन भी लोगों को अपना बुध ग्रह मजबूत करना है, उनको हरे रंग का धागा पहनना चाहिए। इसको पहनने से बुद्धि, संचार और सेहत से जुड़े क्षेत्रों में लाभ मिलता है। वहीं हरे रंग का धागा बुधवार को पहनना चाहिए।
सफेद कलावा
बता दें कि सफेद रंग को पवित्रता और शांति का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिष में सफेद रंग का कलावा पहनने से शुक्र और चंद्रमा ग्रह मजबूत होता है। जब शुक्र और चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है, तो जातक को मानसिक शांति मिलती है और निगेटिविटी दूर होती है।
कलावा बांधने के नियम
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक किसी भी रंग का धागा हाथ में पहनने से पहले इसको गंगाजल से शुद्ध करना चाहिए। पुरुषों को दाहिनी और महिलाओं को बाईं हाथ पर कलावा बांधना चाहिए।
कलावा बांधते समय गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए। हर 21 दिन बाद पुराने कलावे को बदलकर कलाई में नया धागा बांधना चाहिए। वहीं पुराने धागे को इधर-उधर फेंकनी की जगह पेड़ के नीचे दबा देना चाहिए। वहीं अपना पहना हुआ कलावा किसी और से शेयर करने से बचना चाहिए।