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Vijayasan Mata Mandir: Madhya Pradesh का यह Divine Temple है बेहद खास, Salkanpur में मिलता है विजय का वरदान

By Astro panchang | Feb 21, 2026

हर साल माघ माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तिथि तक गुप्त नवरात्रि मनाई जाती है। इस शुभ मौके पर दस महाविद्याओं की देवी की पूरे भक्तिभाव से पूजा की जाती है। वहीं विशेष कार्यों में सिद्धि पाने के लिए गुप्त नवरात्रि का व्रत भी किया जाता है। तंत्र सीखने वाले लोगों के लिए गुप्त नवरात्रि किसी उत्सव से कम नहीं होता है। धार्मिक मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि के दौरान दस महाविद्याओं की देवी की पूजा करने से जातक की हर मनोकामना पूरी होती है। वहीं जीवन में व्याप्त सभी तरह के दुख और संकट दूर हो जाते हैं।

इस शुभ मौके पर भक्त मां के दर्शन के आसपास और प्रसिद्ध मंदिरों में यात्रा करते हैं। ऐसे में अगर आप भी मां के दर्शन करना चाहते हैं, तो आप विजयासन मंदिर जा सकते हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको विजयासन मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं।

विजयासन माता की महिमा

बता दें कि विजयासन मां की महिमा निराली है। वह अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाती हैं। मां विजयासन की कृपा से जातक की हर मनोकामना पूरी होती है। वहीं वह दुष्टों का संहार करती हैं। देश-दुनिया से श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए मंदिर आते हैं। नवरात्रि के समय मंदिर में भव्य पूजा का आयोजन किया जाता है। 

विजयासन मंदिर कहां है

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के सलकनपुर गांव में एक पहाड़ी पर यह मंदिर स्थित है। पहाड़ के शीर्ष स्थल पर विजयासन मां विराजती हैं। मां के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को सैकड़ों सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है। नवरात्रि के समय मंदिर के प्रांगण में मेले का आयोजन किया जाता है। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए सलकनपुर स्थित विजयासन मंदिर आते हैं। माना जाता है कि इस मंदिर में मां के दर्शन मात्र से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और शत्रु भय से मुक्ति मिलती है।

ऐसे पहुंचे मंदिर

यहां का नजदीकी रेलवे स्टेशन सीहोर है। आप ट्रेन से सीहोर पहुंच सकते हैं और फिर सड़क मार्ग से सलकनपुर जा सकते हैं। सीहोर का निकटतम एयरपोर्ट भोपाल है। आप इंदौर होकर भी विजयासन मंदिर जा सकते हैं। देश के किसी भी कोने से इन दोनों मार्ग से भक्त सलकनपुर पहुंच सकते हैं।
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