By Astro panchang | Sep 23, 2026
आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर किसी के पास कोई न कोई परेशानी जरूर है। वहीं हिंदू धर्म में हनुमान जी को 'संकटमोचन' कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि जो भी जातक सच्चे मन से हनुमान जी की पूजा-अर्चना करता है, तो उसके जीवन से बड़े से बड़े संकट पल भर में दूर हो जाते हैं। ऐसे में अगर आपके जीवन में भी बीमारी, तनाव, करियर संबंधी परेशानी या किसी अनजाने डर से परेशान रहते हैं, तो आपको हनुमान जी के कुछ खास मंत्रों का जप करना चाहिए। इन मंत्रों का जप करने से आपकी पूरी जिंदगी बदल सकती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको हनुमान जी के 6 चमत्कारी मंत्र के बारे में बताने जा रहे हैं और साथ ही इन मंत्र जप से होने वाले फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं।
मंत्र: ॐ दक्षिणमुखाय पच्चमुख हनुमते करालबदनाय।
अगर किसी व्यक्ति को रात में डर लगता है, मन में हमेशा घबराहट होती है या फिर बुरे सपने आते हैं। तो मंगलवार को इस मंत्र का जप करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने से हर तरह की निगेटिविटी एनर्जी से एक कवच की तरह हमारी रक्षा करता है।
नारसिंहाय ॐ हां हीं हूं हौं हः सकलभीतप्रेतदमनाय स्वाहा।
जब आपको ऐसा महसूस हो कि शरीर में ऊर्जा की कमी है या फिर आप पर निराशा हावी हो रही है, तो कम से कम 21 बार इस मंत्र का जप करें। इस मंत्र का जप करने से आपके अंदर फौरन एक नया जोश और गजब की सकारात्मकता महसूस होगी।
ॐ पूर्वकपिमुखाय पच्चमुख हनुमते टं टं टं टं टं सकल शत्रु सहंरणाय स्वाहा।
अगर अक्सर लोग बिना बात के ही आपके दुश्मन बन जाते हैं, तो मंगलवार या शनिवार को इस मंत्र का जाप करना चाहिए। इस मंत्र के जाप से न सिर्फ आपके अंदर आत्मविश्वास आता है, बल्कि बना मतलब के बने विरोधी भी शांत रहते हैं।
मर्कटेश महोत्साह सर्वशोक विनाशन।
अगर किसी व्यक्ति को खूब मेहनत करने के बाद भी आपको करियर में वह मुकाम हासिल नहीं हो रहा है, जिसके आप हकदार हैं, तो हर मंगलवार को इस मंत्र का 108 बार जप करना चाहिए। इस मंत्र का जाप करने से व्यापार और नौकरी से जुड़ी रुकावटें दूर होती हैं।
मंगल भवन अमंगलहारी द्रवहु सो दशरथ अजिर विहारी।
यह रामचरितमानस की चौपाई है, अगर कोई व्यक्ति रोजाना इस चौपाई का पाठ करते हैं, तो शारीरिक और मानसिक दोनों तरह के कष्टों से मुक्ति मिलती है।
ऊं हं हनुमते नम:
भले ही यह मंत्र छोटा है, लेकिन इसका असर उतना ही बड़ा है। रोजाना सुबह स्नान आदि करने के बाद इस मंत्र का जाप करने से बीमारियां दूर होती हैं और कार्यों में सफलता प्राप्त होती है।