जब भी हर साल चार धाम यात्रा की शुरूआत होती है, तो हजारों-लाखों की संख्या में लोग उत्तराखंड पहुंचते हैं। क्या आप जानते हैं कि इन दिनों चार धाम यात्रा से जुड़ा एक मुद्दा चर्चा में है। दरअसल, गंगोत्री धाम और मुखबा में गैर-हिंदुओं की एंट्री को बैन कर दिया गया है। वहीं मंदिर से जुड़े कई लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थल की पवित्रता को बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है।
जिसके बाद से अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह नियम बद्रीनाथ, केदारनाथ और यमुनोत्री जैसे दूसरे धामों में भी लागू हो सकता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस मुद्दे से जुड़ी जानकारी देने जा रहे हैं।
आस्था और सनातन परंपरा से जुड़ी जगहें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गंगोत्री धाम से जुड़े ट्रस्ट ने यह साफ कहा है कि यह जगह सनातन परंपरा और आस्था से जुड़े हैं। इनको टूरिस्ट प्लेस की तरह नहीं देखना चाहिए। इस सोच के साथ यहां पर गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक लगाए जाने का फैसला लिया गया है। फिलहाल यह फैसला सिर्फ गंगोत्री और मुखबा तक ही सीमित है।
उठ सकता है मुद्दा
इसके बाद चार धाम का प्रबंधन देखने वाली समिति की तरफ से यह सुझाव सामने आया है कि इस तरह का नियम बाकी धामों में भी लागू किया जा सकता है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस मुद्दे को उठाया जा सकता है। इस मुद्दे पर चर्चा के बाद ही कोई प्रस्ताव पास किया जा सकता है। लेकिन अभी तक इस बारे में किसी तरह का फैसला नहीं लिया गया है।
आधिकारिक घोषणा
इस मामले में कहा जा रहा है कि अभी तक बोर्ड लेवल पर कोई आधिकारिक चर्चा या घोषणा नहीं हुई है। लोगों का मानना है कि इस तरह का फैसला लेने से पहले सभी पक्षों से बात करना जरूरी है। क्योंकि चार धाम यात्रा में कई तरह के लोग काम करते हैं। इनमें मजदूर, सेवाकर्मी और दुकानदार आदि हैं, जोकि अलग-अलग समुदायों के हैं।
किन लोगों को मिलती है एंट्री
यह साफ कर दिया गया है कि जो लोग धार्मिक परंपराओं का पूरी तरह से पालन करते हैं। सिर्फ वही मंदिरों में प्रवेश कर पाएंगे। इसके साथ ही प्रशासनिक काम से आने वाले अधिकारियों और बाकी लोगों को भी एंट्री मिलती है।
बता दें कि चार धाम यात्रा के लिए सिर्फ भारत से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी लोग आते हैं। बड़ी संख्या में लोग चारधाम यात्रा करते हैं और साथ ही कुछ ट्रेकिंग के लिए भी आते हैं।