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जानिए इस बार रक्षाबंधन मनाने का शुभ मुहूर्त और रक्षा मंत्र

By Astro panchang | Jul 28, 2020

रक्षाबंधन भाई बहन के प्रेम का त्योहार माना जाता हैं। श्री कृष्ण ने कहां था है जो भी आपकी रक्षा करने वाला है उसको रक्षा सूत्र बांधकर आप यह त्योहार मनाए, अपनी रक्षा करने वाले का आभार व्यक्त करने के लिए आप उनके साथ मिलकर यह त्यौहार मना सकते हैं। इस त्यौहार को मनाने की अलग-अलग कहानियां है, ऐसी ही एक कहानी है, शिशुपाल के वध के समय की जब सुदर्शन चक्र से भगवान श्री कृष्ण की उंगली कट गई थी तब द्रौपदी ने अपनी साड़ी का आंचल फाड़कर श्रीकृष्ण की अंगुली पर बाँधा था। इस दिन सावन पूर्णिमा की तिथि थी।भगवान श्रीकृष्ण ने द्रौपदी को वचन दिया कि समय आने पर वह आंचल के एक-एक सूत का कर्ज उतारेंगे। द्रौपदी के चीरहरण के समय श्रीकृष्ण ने इसी वचन को निभाया। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षासूत्र बांधती हैं और अपने भाइयों की दीर्घायू सुख और समृद्धि के लिए कामना करती हैं।

ऐसे मनाए रक्षाबंधन:

रक्षा बंधन के दिन सुबह भाई-बहन स्नान करके भगवान की पूजा करते हैं। इसके बाद रोली, अक्षत, कुमकुम एवं दीप जलाकर थाल सजाई जाती है। इस थाल में रंग-बिरंगी राखियों को रखकर उनकी पूजा करते हैं फिर बहनें भाइयों के माथे पर कुमकुम, रोली एवं अक्षत से तिलक करती हैं। इसके बाद बहने अपने भाई की दाईं कलाई पर रेशम की डोरी से बनी राखी बांधती हैं और मिठाई से भाई का मुंह मीठा कराती हैं। राखी बंधवाने के बाद भाई बहन को रक्षा का आशीर्वाद एवं उपहार व धन देता है। बहनें राखी बांधते समय भाई की लम्बी उम्र एवं सुख तथा उन्नति की कामना करती है।साथ ही इस दिन भाई अपनी बहनों की सदैव रक्षा करने का वचन देते है।

शुभ समय और खास योग:

भाई-बहन के प्यार का ये पवित्र पर्व इस वर्ष के पंचांग के अनुसार 3 अगस्त 2020 को आने वाला है। इस वर्ष का रक्षाबंधन का मुहूर्त बहुत विशेष होने वाला है। रक्षाबंधन का ऐसा मुहूर्त 29 वर्षों के बाद आया है।

इस बार के रक्षाबंधन में क्या खास है:

29 वर्षों बाद आया ये शुभ योग: इस बार रक्षाबंधन सावन मास के आखिरी सोमवार को पड़ रही है। इस बार का ये योग बेहद विशेष है क्योंकि इस साल रक्षाबंधन पर सर्वार्थ सिद्धि और दीर्घायु आयुष्मान दोनों का ही शुभ संयोग बन रहा है। रक्षाबंधन का ऐसा शुभ योग लगभग 29 वर्षों बाद बन रहा है।इस बार भद्रा और ग्रहण किसी भी तरह का साया इस त्योहार पर नही पड़ रहा है।

आपको बताना चाहेंगे कि भद्रा जोकि सूर्य की पुत्री है वो इस बार रक्षाबंधन पर सुबह 9 बजकर 29 बजे तक ही रहेगी।7 बजकर 20 मिनट के बाद श्रवण नक्षत्र लग जाएगा।

इस दिन सुबह 9 बजे से लेकर 10.30 बजे तक है शुभ मुहर्त:

दोपहर 1.30 से 3 बजे तक चर मुहूर्त
दोपहर 3 से 4.30 बजे तक लाभ
शाम 4.30 से 6 बजे तक अमृत
शाम 6 से 7.30 बजे तक चर का चौघड़िया मुहूर्त

इस वर्ष सोमवार के दिन रक्षाबंधन का त्यौहार आने से अन्न एवं धन के लिए अच्छे अवसर पैदा होंगे।

3 अगस्त, राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त:

1.इस वर्ष पूर्णिमा तिथि का आरंभ - 2 अगस्त को रात्रि 9 बजकर 28 मिनट से शुरू होगा।

2.रक्षाबंधन की पूजा का समय सुबह 09 बजकर 28 मिनट से रात 9 बजकर 14 मिनट तक रहेगा।

3.दोपहर को राखी का मुहूर्त - दोपहर 1 बजकर 46 मिनट से शाम 4 बजकर 26 मिनट तक होगा।

4.प्रदोष काल मुहूर्त- शाम 7 बजकर 6 मिनट से रात 9 बजकर 14 मिनट तक।

5.पूर्णिमा तिथि का समापन - 3 अगस्त की रात 9 बजकर 27 मिनट पर होगा।

रक्षाबंधन के दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र के साथ राखी बांधते समय उन्हें यह रक्षा मंत्र पढ़ना चाहिए, इसे पढ़ना बेहद शुभ माना जाता है महाभारत में भी इस मंत्र का वर्णन किया गया है।

रक्षा मन्त्र: ॐ येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल:।

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