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Sawan Somwar Vrat Rules: सोलह सोमवार व्रत के दौरान इस Shlok का जाप है अनिवार्य, शिव मिटाएंगे जन्मों के पाप, जानें Full Rituals

By Astro panchang | Aug 04, 2026

भगवान शिव की कृपा पाने के लिए सोलह सोमवार का व्रत सबसे सरल और प्रभावी मार्ग है। सोलह सोमवार के व्रत की शुरूआत सावन महीने के सोमवार से की जाती है। इस बार सावन माह की शुरूआत 30 जुलाई से हुई है। वहीं इस महीने की समाप्ति 28 अगस्त 2026 को होगी। ऐसे में अगर आप भी पहली बार सोलह सोमवार व्रत रखने की सोच रही हैं, तो सावन के सोमवार से यह व्रत शुरू करना शुभ है। वहीं पूजा के बाद भगवान शिव के सामने इस एक मंत्र का जाप करने से जातक पर भगवान शिव की कृपा बनी रहेगी।

जानें सावन के 16 सोमवार व्रत का महत्व

सावन के सोलह सोमवार व्रत को शुरू करने के बाद अगले आने वाले 16 सोमवार तक यह व्रत किए जाते हैं। वहीं 17वें सोमवार को व्रत का उद्यापन किया जाता है। जो भी महिलाएं पहली बार सावन सोमवार व्रत शुरू करने जा रही हैं, उनको भगवान शिव की पूजा से जुड़े कुछ नियमों का पालन जरूर करना चाहिए।

बता दें कि 16 सोमवार का व्रत 16 सप्ताह में किया जाता है। जिसमें एक-एक कर जातक अपने सभी पापों से मुक्त होता जाता है। वहीं सावन महीने में भगवान शिव की पूजा के साथ एक प्रार्थना जरूर करना चाहिए। सोमवार व्रत के दौरान महादेव की पूजा के बाद उनके समक्ष खड़े होकर इस एक श्लोक को दोहराएं।

श्लोक

यत् कृतं तु मया देव पापं जन्मान्तरार्जित्म।
क्षन्तव्यं तत् महादेव प्रसीद परमेश्वरम।।

इस श्लोक का अर्थ है कि जो भी इस जन्म में या पिछले जन्म में मुझसे पाप हुए हैं। मैं उनके लिए क्षमा मांगती हूं और मुझ पर अपनी कृपा बनाए रखें।

जो भी महिलाएं पहली बार सावन का व्रत रखने वाली हैं, वह भी इस बात का खास ध्यान रखें कि सावन का महीना भगवान शिव की पूजा के लिए बेहद शुभ होता है। ऐसे में यह श्लोक भगवान शिव के सामने सच्चे मन से बोलें। जिससे कि सोलह सोमवार व्रत के पूरे होने के बाद आपकी इच्छा भी पूरी हो जाए।

16 सोमवार का व्रत क्यों जरूरी

जो भी महिलाएं अविवाहित हैं और योग्य जीवनसाथी की तलाश में हैं। उनको सावन के 16 सोमवार का व्रत जरूर करना चाहिए। इस व्रत को करने से विवाहित महिलाओं के जीवन में सामंजस्य स्थापित होता है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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