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Mangla Gauri Vrat 2023: सावन माह का दूसरा मंगला गौरी व्रत आज, इस विधि से करेंगी पूजा तो मां पार्वती देंगी अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद

By Astro panchang | Jul 11, 2023

आज यानी की 11 जुलाई 2023 को सावन माह का दूसरा मंगलवार है। बता दें कि जिस तरह से सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित है, ठीक उसी तरह सावन के सभी मंगलवार मां पार्वती को समर्पित है। आज यानी की 11 जुलाई को दूसरा मंगला गौरी का व्रत किया जा रहा है। वहीं पहला मंगला गौरी का व्रत 4 जुलाई को किया गया था। मंगला गौरी व्रत के दिन मां पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। मां मंगला गौरी आदि शक्ति माता पार्वती का मंगल स्वरूप हैं। वहीं मां दुर्गा के 8वें स्वरूप को महागौरी के नाम से जाना जाता है। 

इस व्रत को महिलाएं करती हैं। इस व्रत को करने से महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसलिए विवाहित महिलाएं सावन के मंगलवार को मंगला गौरी का व्रत करती हैं। मान्यता के अनुसार, विधि-विधान से मंगलागौरी व्रत करने से अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। इसके साथ ही दांपत्य जीवन में प्रेम बना रहता है। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको मंगला गौरी व्रत की पूजा और उसके महत्व के बारे में बताने जा रहे हैं। 

मंगला गौरी व्रत का शुभ योग
आज यानी की 11 जुलाई को मंगला गौरी व्रत वाले दिन चार बेहद शुभ योग का निर्माण हो रहा है। आज सुकर्मा और धृति योग का निर्माण हो रहा है। इसके साथ हही आज के दिन सर्वाथ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। इन शुभ योग में पूजा करने का अधिक महत्व होता है। 

मंगला गौरी व्रत विधि
दूसरे मंगला गौरी व्रत वाले दिन सबसे सूर्योदय से पहले स्नान आदि कर स्वच्छ कपड़े धारण करें। फिर लकड़ी की चौकी पर लाल वस्त्र बिछा लें। अब इस पर मां पार्वती की प्रतिमा को स्थापित करें। इसके बाद व्रत का संकल्प लेते हुए मां गौरी के सामने आंटे से बना हुआ दीपक जलाएं। फिर मां पार्वती को धूप-दीप, नैवेद्य आदि अर्पित करें। इसके बाद मां गौरी को श्रृंगार का सामान अर्पित करें।
 
इस दौरान ध्यान रखें कि आप मां गौरी को जितनी भी चीजें अर्पित कर रहें हैं जैसे सुहाग का सामान, फल, फूल, माला, मिठाई आदि। इन सभी की संख्या 16 होना चाहिए। इसके बाद मां गौरी की विधि-विधान से पूजाकर आरती करें। मां पार्वती से अखंड सौभाग्य की प्रार्थना करें और पूजा में हुई भूलचूक के लिए क्षमा मांगे। 

मंगला गौरी व्रत का महत्व
महिलाएं यह व्रत पति की लंबी आयु के लिए करती हैं। इस दिन मां पार्वती की विधि-विधान से पूजा करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। वहीं दांपत्य जीवन में मधुरता आती है। वहीं जो महिलाएं संतान प्राप्ति की इच्छा से यह व्रत करती हैं, उन्हें शीघ्र ही संतान प्राप्ति होती है। वहीं दांपत्य जीवन में आने वाली समस्याओं का अंत होता है। इस व्रत को करने से दांपत्य जीवन का कलह-कष्ट व अन्य समस्याओं से निजात मिलती है।

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