होम
कुंडली
टैरो
अंक ज्योतिष
पंचांग
धर्म
वास्तु
हस्तरेखा
राशिफल
वीडियो
हिन्दी न्यूज़
CLOSE

Ravi Pradosh 2026 Vrat Date: 1 मार्च को Ravi Pradosh Vrat, Lord Shiva को प्रसन्न करने का Golden Chance, नोट करें मुहूर्त

By Astro panchang | Mar 01, 2026

हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को भगवान शिव की पूजा करने का विधान है। यह दिन भगवान शिव की कृपा पाने का सबसे शुभ दिन माना गया है। जब प्रदोष व्रत रविवार के दिन पड़ता है, तो उसको रवि प्रदोष व्रत कहा जाता है। इस व्रत को करने से जातक को भगवान शिव और मां पार्वती की कृपा और आशीर्वाद मिलता है। तो आइए जानते हैं हैं कि रवि प्रदोष व्रत की तिथि, मुहूर्त, पूजन विधि और मंत्र के बारे में... 

शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के मुताबित फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि की शुरूआत 28 फऱवरी की रात 08:43 मिनट पर होगी। वहीं आज यानी की 01 मार्च 2026 को इस तिथि की समाप्ति होगी। वहीं इस व्रत में प्रदोष काल में पूजा की जाती है। इसलिए 01 मार्च 2026 को रवि प्रदोष व्रत किया जाएगा।

पूजन विधि

इस दिन सुबह जल्दी स्नान आदि करने के बाद साफ कपड़े पहनें और फिर सूर्य देव को अर्घ्य दें। अब मंदिर के सामने बैठकर व्रत का संकल्प लें और फिर सूर्यास्त के बाद स्नान करें। इसके बाद भगवान शिव का दूध और गंगाजल से अभिषेक करें। फिर शिवलिंग पर धतूरा, बेल पत्र, सफेद फूल, अक्षत और चंदन अर्पित करें। इसके बाद मां पार्वती को श्रृंगार का सामान अर्पित करें और विधिविधान से पूजा-अर्चना करें। फिर दीपक जलाकर प्रदोष व्रत की कथा का पाठ करें। अंत में शिव-पार्वती की आरती करें और पूजा में हुई भूलचूक के लिए क्षमायाचना करें।

पूजन मंत्र

ॐ नमः शिवाय॥
ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः॥
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

जानिए व्रत के लाभ

धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक इस व्रत को करने से जातक को सुख-समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है। इस व्रत को करने से कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है, जिससे जातक का समाज में मान-सम्मान बढ़ता है और जीवन में भी शुभता का आगमन होता है।
Copyright ©
Dwarikesh Informatics Limited. All Rights Reserved.