आजकल के समय में लव मैरिज करना बेहद आम बात है। हर कोई अपनी पसंद के इंसान से शादी करना चाहता है। लेकिन कई बार लाख प्रयासों के बाद भी लव मैरिज नहीं हो पाती है। जिसको हम अपनी किस्मत मान लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्योतिष शास्त्र में हिसाब से प्रेम विवाह में आने वाली बाधाओं की मुख्य वजह 4 ग्रह होते हैं। इन ग्रहों के शांत होने पर ही लव मैरिज के योग बनते हैं।
शुक्र ग्रह कमजोर होना
ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को प्रेम, रोमांस, विवाह और सौंदर्य का कारक माना गया है। अगर किसी जातक की कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर है यानी की नीच राशि में है, तो प्रेम विवाह में बाधाएं पैदा हो सकती हैं। इसलिए शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए आप बीज मंत्र का जाप कर सकते हैं।
मांगलिक दोष
अगर किसी जातक की कुंडली में मंगल गलत भाव में बैठा है और मांगलिक दोष बन रहा है। तो भी विवाह में बाधाएं पैदा होती हैं। कुंडली में मांगलिक दोष के कारण लव मैरिज में पारिवारिक असहमति और मानसिक तनाव बढ़ सकता है।
गुरु ग्रह
ज्योतिष में गुरु ग्रह को विवाह का कारक माना जाता है। लेकिन अगर कुंडली में गुरु ग्रह कमजोर है या फिर नीच भाव में है, तो इससे भी विवाह में बाधाएं पैदा हो सकती हैं। जिसके कारण प्रेम विवाह में भी समस्याएं पैदा होने लगती हैं।
राहु भी वजह
बता दें कि ज्योतिष शास्त्र में राहु को भ्रम और अस्थिरता का ग्रह माना जाता है। राहु जातक को गलत फैसला लेने के लिए प्रेरित करता है। जब कुंडली में राहु ग्रह खराब होता है, तो लव लाइफ में भ्रम, धोखा या फिर अचानक रिश्ता टूटने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।